और मनोरथ जो कोई लावै ।
सोई अमित जीवन फल पावै ॥
सब पर राम तपस्वी राजा ।
तिन के काज सकल तुम साजा ॥
संकट तें हनुमान छुड़ावै ।
मन क्रम बचन ध्यान जो लावै ॥